🪔 विवाह पंचमी के बारे में

आज भगवान राम और माता सीता के विवाह का स्मरणोत्सव मनाया जाता है । जहाँ अनगिनत असफल हुए, वहाँ भगवान श्रीराम ने भगवान शिव के अटूट धनुष को सहजता से तोड़कर माता सीता को स्वयंवर में जीत लिया था । भक्तजन रामचरितमानस से विवाह प्रसंग का पठन कर भजन गाते हैं, और प्रसाद अर्पित करते हैं ।

शास्त्रानुसार, आदर्श पति, पिता और पुत्र के साकार रूप भगवान राम की पूजा करने से आपका समस्त परिवार चेतना के उच्चतम स्तर को प्राप्त कर सकता है ।

🙏 पूजा विधि

विशेष अनुष्ठान : राम तांत्रिक मंत्र जप

  1. सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
  2. अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
  3. अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
  4. फूल, फल और धूप अर्पित करें।
  5. इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
  6. आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।

✅ क्या करें और क्या न करें

✅ क्या करें

  • पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
  • संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
  • इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
  • परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
  • लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।

⚠️ क्या न करें

  • भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
  • शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
  • कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।