🪔 विजया एकादशी के बारे में

फाल्गुन मास (फरवरी-मार्च) के कृष्ण पक्ष में आने वाली विजया एकादशी का विशेष महत्त्व है । भगवान श्रीराम ने आसुरी शक्तियों पर विजय प्राप्त करने के लिए विजया एकादशी के दिन श्री विष्णु की आराधना की थी । विजया एकादशी के दिन श्री विष्णु की भक्ति कर अपने जीवन में सफलता को आमंत्रित करें । जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, विजया अर्थात् जीत। अतीत में किए गए पापकर्मों, यहाँ तक कि सबसे घृणित पापों के बोझ से मुक्ति प्राप्त करने के लिए यह एक शक्तिशाली तिथि है।

🙏 पूजा विधि

विशेष पूजा: श्री हरि का पुरुष सूक्तम अभिषेकम् (७ मिनट)

  1. सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
  2. अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
  3. अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
  4. फूल, फल और धूप अर्पित करें।
  5. इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
  6. आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।

✅ क्या करें और क्या न करें

✅ क्या करें

  • सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • भक्ति के साथ एकादशी व्रत का संकल्प लें।
  • सौम्य व्यवहार, क्षमा और मीठी सत्य वाणी बोलें।
  • फल, दूध, मेवे सहित सात्विक शाकाहारी भोजन लें।
  • जप, कीर्तन और भगवान विष्णु के बारे में पढ़ने में समय बिताएं।

⚠️ क्या न करें

  • अंडे, मांसाहार और शराब से बचें।
  • पारंपरिक एकादशी नियमों का पालन करें तो अनाज से बचें।
  • क्रोध, गपशप, आलोचना, झूठ और अन्य नकारात्मक व्यवहार से बचें।