🪔 विजय दशमी/दशहरा के बारे में
आज का दिन, भगवान श्री राम की असुर रावण पर विजय और उनकी अपहृत (हरण की गई) पत्नी माँ सीता के त्राण (रक्षा) का प्रतीक है । यह शुभ अवसर अच्छाई की बुराई पर विजय का महोत्सव है और शारदीय नवरात्रि के समापन का भी सूचक है ।
अपने चित्त में सत्व (पवित्रता) की विजय को स्थापित करें और तमस (अज्ञान और नकारात्मकता) के राक्षसों का नाश इस पवित्र दिन पर करें ।
🙏 पूजा विधि
विशेष अनुष्ठान : राम तांत्रिक मंत्र जप
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
- संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
- इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
- परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
- लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।
⚠️ क्या न करें
- भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
- शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
- कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।
