🪔 तुलसी विवाह का आरंभ के बारे में
आज से तीन दिवसीय समारोह का शुभारंभ होता है, जिसमें आंवले के वृक्ष की एक शाखा को भगवान विष्णु का प्रतीक मानकर उनका विवाहोत्सव पवित्र तुलसी के पौधे स्वरूप माँ वृंदा से मनाया जाता है । माँ वृंदा, जो देवी भगवती की अवतार हैं, श्री हरि विष्णु के प्रति अप्रतिम प्रेम और भक्ति के लिए जानी जाती हैं ।
द्वादशी तिथि प्रारंभ: 06:31 AM, 21 नवम्बर 2026
द्वादशी तिथि समाप्त: 04:56 AM, 22 नवम्बर 2026
🙏 पूजा विधि
विशेष अनुष्ठान : श्री हरि का द्वादशाक्षर मंत्र जप
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
- संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
- इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
- परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
- लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।
⚠️ क्या न करें
- भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
- शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
- कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।
