🪔 जगन्नाथ रथयात्रा का शुभारंभ के बारे में

वर्ष के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक, श्री जगन्नाथ रथयात्रा इस शुभ तिथि से आरंभ होती है । भारत के ओडिशा प्रांत के पुरी नगर में भगवान श्री जगन्नाथ, अपने बड़े भाई श्री बलभद्र एवं छोटी बहन, देवी सुभद्रा, के साथ जगन्नाथ मंदिर से रथ यात्रा करते हैं । भक्तगण भगवान के रथ को बड़े ही भाव एवं श्रद्धा से खींचकर इस सप्तदिवसीय रथयात्रा के भागी बनते हैं । भगवान जगन्नाथ श्री कृष्ण का ही अवतार माने जाते हैं । आज भगवान श्री जगन्नाथ की आराधना कर अपने जीवन को उनकी भक्ति से पूर्ण करें ।

🙏 पूजा विधि

विशेष अनुष्ठान : चतुर्विंशति उपचार द्वारा भगवान कृष्ण की नित्य पूजा (१९ मिनट)

  1. सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
  2. अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
  3. अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
  4. फूल, फल और धूप अर्पित करें।
  5. इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
  6. आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।

✅ क्या करें और क्या न करें

✅ क्या करें

  • पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
  • संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
  • इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
  • परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
  • लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।

⚠️ क्या न करें

  • भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
  • शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
  • कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।