🪔 श्रावण मास का आरंभ के बारे में
भगवान शिव को समर्पित पवित्र श्रावण मास का आरंभ हो गया है । आज से कांवड़ यात्रा भी का शुभारंभ होता है । कांवड़ यात्रा अर्थात् जल से भरे दो कलश को एक डंडे पर लटका कर भगवान भोलेनाथ के अभिषेकम् के लिए ले जाना है । कांवड़ यात्री पवित्र गंगा नंदी से जल लेकर सैकड़ों किलोमीटर तक पदयात्रा के बाद, अपने नगर में आकर शिवलिंग का अभिषेकम् करते हैं । लोग विशेष रूप से 12 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा करते हैं, जिनमें बाबा वैद्यनाथ धाम, जो देवघर, झारखंड में स्थित है, प्रमुख है । यहाँ भगवान शिव वैद्यनाथ के रूप में विराजमान हैं ।
हर हर महादेव!
बोल बम, बोल बम
🙏 पूजा विधि
विशेष अनुष्ठान : श्री रुद्रम के साथ भगवान शिव का अभिषेकम् (२३ मिनट)
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
- संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
- इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
- परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
- लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।
⚠️ क्या न करें
- भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
- शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
- कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।
