🪔 स्कंद षष्ठी के बारे में
षष्ठी तिथि भगवान स्कन्द को समर्पित हैं । शुक्ल पक्ष की षष्ठी के दिन श्रद्धालु उपवास करते हैं। इस दिन भगवान शिव और माँ पार्वती के पुत्र, भगवान कार्तिकेय ने अपने दिव्य अस्त्र आयुध वेल द्वारा असुर सूरपद्मन का वध किया था । आदि शक्ति माँ दुर्गा का यज्ञ कर उनकी ऊर्जा का आवाहन करें ।
🙏 पूजा विधि
विशेष पूजा: माँ दुर्गा का मध्यम यज्ञ (10 मिनट)
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
- संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
- इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
- परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
- लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।
⚠️ क्या न करें
- भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
- शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
- कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।
