🪔 श्रावण पुत्रदा एकादशी के बारे में
पुत्रदा अर्थात संतान दायिनी । इस एकादशी के दिन मुरली मनोहर श्रीकृष्णपूर्ण श्रद्धा एवं समर्पण से पूजा-अर्चना करने से भक्त को संतान सुख की प्राप्त होती है। साथ ही, वो आध्यात्मिक पथ पर भी वह तीव्रता से अग्रसर होता है ।
आज की इस पुण्यदायिनी तिथि में भगवान श्री कृष्ण का आवाहन करें तथा उनकी दिव्यता से अपने जीवन को दिव्य बनाएं ।
🙏 पूजा विधि
विशेष पूजा: भगवान कृष्ण का यज्ञ (१० मिनट)
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- भक्ति के साथ एकादशी व्रत का संकल्प लें।
- सौम्य व्यवहार, क्षमा और मीठी सत्य वाणी बोलें।
- फल, दूध, मेवे सहित सात्विक शाकाहारी भोजन लें।
- जप, कीर्तन और भगवान विष्णु के बारे में पढ़ने में समय बिताएं।
⚠️ क्या न करें
- अंडे, मांसाहार और शराब से बचें।
- पारंपरिक एकादशी नियमों का पालन करें तो अनाज से बचें।
- क्रोध, गपशप, आलोचना, झूठ और अन्य नकारात्मक व्यवहार से बचें।
