🪔 सकट चौथ के बारे में

एक समय की बात है, एक कुम्हार था जिसके मिट्टी के बर्तन भट्ठी में पकते नहीं थे । जब वह अपनी समस्या लेकर राजा के समक्ष पहुँचा, तो राजपुरोहित ने उपाय बताया कि प्रत्येक बार भट्ठे का उपयोग करने से पूर्व एक बालक की बलि देनी होगी ।

यह सुनकर एक वृद्ध स्त्री को अपने इकलौते पुत्र की असमय मृत्यु का भय सताने लगा । उसने पुत्र की सुरक्षा हेतु उसे एक सुपारी दी, और जैसे ही वह बालक भट्ठे पर बैठा, वह वृद्ध स्त्री देवी सकट से अपने पुत्र की रक्षा की प्रार्थना करने लगी । परम करुणामयी देवी माँ ने न केवल उस बालक की रक्षा की, अपितु अन्य सभी बालक, जिनकी बलि दी जा चुकी थी, को भी पुनर्जीवित कर दिया । आज के दिन, माताएँ अपनी संतान के कल्याण और सुरक्षा हेतु माँ के इस दिव्य रूप की उपासना करती हैं । वे विघ्नहर्ता भगवान गणेश का भी आवाहन करती हैं ताकि श्री गणेश उनके बच्चों की हर संकट से सुरक्षा करें ।

🙏 पूजा विधि

विशेष पूजा: षोडशोपचार द्वारा भगवान गणेश की नित्य पूजा (१२ मिनट)

  1. सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
  2. अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
  3. अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
  4. फूल, फल और धूप अर्पित करें।
  5. इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
  6. आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।

✅ क्या करें और क्या न करें

✅ क्या करें

  • पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
  • संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
  • इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
  • परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
  • लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।

⚠️ क्या न करें

  • भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
  • शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
  • कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।