🪔 रथ सप्तमी के बारे में

आज, भगवान सूर्य के पावन जन्मदिवस पर उनका आशीवार्द प्राप्त करने से जन्म-जन्मांतरोंकृत सात प्रकार के पापों का नाश होता है । एक निष्ठावान भक्त, सूर्योदय के समय, पवित्र जलाशय में डुबकी लगाकर रथ सप्तमी स्नान संपूर्ण करता है ।

अपने जीवन में समृद्धि की किरणों को आमंत्रित करने के लिए इससे अधिक शुभ दिन अन्य कोई नहीं हो सकता । जीवनदाता सूर्य का अभिषेकम् कीजिए और अपने भाग्य के सुखद रूपांतरण की अनुभूति कीजिए ।

अन्य पर्व

आज नर्मदा जयंती भी है ।

🙏 पूजा विधि

विशेष पूजा: सूर्य सहस्रनाम अभिषेकम् (२० मिनट)

  1. सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
  2. अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
  3. अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
  4. फूल, फल और धूप अर्पित करें।
  5. इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
  6. आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।

✅ क्या करें और क्या न करें

✅ क्या करें

  • पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
  • संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
  • इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
  • परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
  • लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।

⚠️ क्या न करें

  • भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
  • शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
  • कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।