🪔 रामानुजाचार्य जयंती के बारे में
आज रामानुजाचार्य जयंती है । 1017 ईस्वी में भारत के श्रीपेरंबुदूर में जन्मे रामानुजाचार्य एक महान वैदिक दार्शनिक और समाज सुधारक थे । वे श्रीवैष्णव परंपरा के प्रमुख प्रवर्तकों में से एक माने जाते हैं । 120 वर्षों के अपने जीवनकाल में उन्होंने संपूर्ण भारत की यात्रा की, समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन को समझा और उनकी आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित किया । श्री रामानुजाचार्य ने 9 महत्वपूर्ण ग्रंथों (नवरत्न) की रचना की ।
🙏 पूजा विधि
विशेष अनुष्ठान : गुरुदेव का वैदिक यज्ञ
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
- संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
- इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
- परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
- लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।
⚠️ क्या न करें
- भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
- शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
- कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।
