🪔 रामनवमी के बारे में
भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ । प्रत्येक वर्ष इस दिन को उनके जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है । उनका जन्म राजा दशरथ और माता कौशल्या के पुत्र के रूप में मध्यान्ह काल में हुआ था, जो छह घटी (लगभग २ घंटे और २४ मिनट) तक रहता है । इस अवधि में राम नवमी पूजा अनुष्ठान करना बेहद शुभ होता है । भगवान राम के जन्म का सटीक समय मध्याह्न के मध्य बिंदु पर है, जो इस वर्ष दोपहर १२:२७ बजे है ।
अन्य पर्व
चैत्र नवरात्रि का समापन।
🙏 पूजा विधि
विशेष अनुष्ठान : श्री राम का विस्तृत यज्ञ (१६ मिनट)
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
- संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
- इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
- परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
- लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।
⚠️ क्या न करें
- भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
- शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
- कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।
