🪔 रक्षाबंधन के बारे में

महाभारत में योगेश्वर श्री कृष्ण ने जब शिशुपाल का सुदर्शन चक्र से वध किया । वध करने के पश्चात् भगवान की अंगुली से रक्त प्रवाहित होने लगा । यह देखकर पांडवों की पत्नी द्रौपदी ने तुरंत अपनी साड़ी से एक टुकड़ा फाड़ा और भगवान की अंगुली में बांध दिया । करुणासिंधु भगवान ने प्रसन्न होकर द्रौपदी की सदैव रक्षा करने का वचन दिया ।

रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई की कलाई में राखी बाँध उनके जीवन की मंगल कामना करती हैं तथा भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देते हैं । यह पर्व भाई बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व है ।

आंशिक चंद्रग्रहण (भारत में दिखाई नहीं देगा)

🙏 पूजा विधि

विशेष अनुष्ठान : कृष्णाष्टकम् अभिषेकम् (४ मिनट)

  1. सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
  2. अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
  3. अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
  4. फूल, फल और धूप अर्पित करें।
  5. इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
  6. आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।

✅ क्या करें और क्या न करें

✅ क्या करें

  • पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
  • संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
  • इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
  • परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
  • लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।

⚠️ क्या न करें

  • भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
  • शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
  • कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।