🪔 पितृपक्ष का आरंभ के बारे में
आज के दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा की जाती है, जो अपने भक्त की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं ।
पितृ पक्ष का आरंभ भी आज से ही होता है । पंद्रह दिनों तक चलने वाले चंद्रकाल में पूर्वजों के स्वर्गारोहण के लिए प्रार्थना की जाती है । इस समय जल सेवा, अन्न दान और आर्थिक दान का विशेष महत्व होता है । आज भगवान के चरणों में अपनी भक्ति अर्पित करें और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की प्रार्थना करें ।
🙏 पूजा विधि
विशेष अनुष्ठान : श्री हरि का अष्टाक्षर मंत्र जप
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- दीपक जलाएं और अपने इष्ट देव की सरल पूजा करें।
- जप, ध्यान और छोटे स्तोत्र/पाठ करें।
- दिन को सात्विक और शांत रखें; आत्म-चिंतन और कृतज्ञता का अभ्यास करें।
- संभव हो तो दान करें (भोजन, दूध, फल) या किसी जरूरतमंद की मदद करें।
⚠️ क्या न करें
- अंडे, मांसाहार और शराब से बचें।
- क्रोध, गपशप, आलोचना और कठोर वाणी से बचें।
- भारी/तैलीय भोजन और अत्यधिक नींद से बचें; दिन को सरल और सात्विक रखें।
