🪔 परम एकादशी के बारे में
पुरुषोत्तम मास, जिसे अधिक मास भी कहा जाता है, दो से तीन वर्ष में एक बार आता है । यह मास भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है । पुरुषोत्तम मास में आने वाली परम एकादशी का विशेष महत्व होता है । इस अत्यंत शुभ तिथि के दिन श्री हरि की भक्ति करने से दरिद्रता दूर होती है, संचित पापों का निवारण होता है और आत्मिक मुक्ति (मोक्ष) की प्राप्ति होती है । आज के दिन भगवान विष्णु की आराधना कर उनकी कृपा और शुभता को अपने जीवन में आमंत्रित करें ।
🙏 पूजा विधि
विशेष अनुष्ठान : श्री हरि का सहस्रनाम अभिषेकम् (३० मिनट)
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- भक्ति के साथ एकादशी व्रत का संकल्प लें।
- सौम्य व्यवहार, क्षमा और मीठी सत्य वाणी बोलें।
- फल, दूध, मेवे सहित सात्विक शाकाहारी भोजन लें।
- जप, कीर्तन और भगवान विष्णु के बारे में पढ़ने में समय बिताएं।
⚠️ क्या न करें
- अंडे, मांसाहार और शराब से बचें।
- पारंपरिक एकादशी नियमों का पालन करें तो अनाज से बचें।
- क्रोध, गपशप, आलोचना, झूठ और अन्य नकारात्मक व्यवहार से बचें।
