🪔 ओणम के बारे में
भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्री वामन जी का आज प्राकट्य दिवस है । राजा बलि की परीक्षा हेतु भगवान वामन ने उनसे तीन पग भूमि दान में मांगी। राजा बलि ने सहर्ष भगवान की इच्छा स्वीकार की परन्तु भगवान ने अति विशाल रूप धारण करके दो पग में समस्त सृष्टि को नाप लिया । भक्तराज प्रह्लाद के पौत्र राजा बलि ने तीसरे पग के लिए अपने शीर्ष को आगे कर दिया। भगवान वामन ने उनकी भक्ति एवं भाव को प्रसन्नतापूर्वक स्वीकार किया।
इस विशेष घटना को भारत के केरल राज्य में ओणम पर्व के रूप में मनाया जाता है ।
तिरुवोणम नक्षत्र प्रारंभ — २५ अगस्त २०२६, रात्रि १०:५१ बजे
तिरुवोणम नक्षत्र समाप्त — २७ अगस्त २०२६, प्रातः १२:४८ बजे
तिरुवोणम उत्सव २६ अगस्त २०२६ को मनाया जाएगा।
🙏 पूजा विधि
विशेष अनुष्ठान : विष्णु मंत्र जप
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
- संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
- इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
- परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
- लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।
⚠️ क्या न करें
- भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
- शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
- कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।
