🪔 नरका चतुर्दशी के बारे में
नरका चतुर्दशी
भगवान कृष्ण और उनकी प्रिय रानियों में से एक, सत्यभामा, ने इस दिन निर्दयी राक्षस नरकासुर का वध किया था । आज भक्तगण अभ्यंग स्नान, अर्थात् तिल के तेल से शरीर की मालिश करके परंपरागत उबटन लगाकर स्नान करते हैं। वे पवित्र गंगा नदी में डुबकी भी लगाते हैं । आइए, इस मंगलमय सुयोग में सर्वोच्च शक्ति का आवाहन कर उनके आशीर्वाद से अपना जीवन संवरता हुआ अनुभव कीजिए।
अभ्यंग स्नान मुहूर्त – 05:36 AM से 06:38 AM (08 नवम्बर)
🙏 पूजा विधि
विशेष अनुष्ठान: अर्गला स्तोत्रम् के साथ माँ दुर्गा का अभिषेकम् (4 मिनट)
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
- संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
- इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
- परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
- लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।
⚠️ क्या न करें
- भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
- शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
- कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।
