🪔 महा रास और शरद पूर्णिमा के बारे में
आज महारास है, भगवान श्री कृष्ण के प्रेम का उत्सव । महारास अर्थात् वह दिव्य नित्य जिसमें भगवान श्री कृष्ण ने प्रत्येक गोपी को अपना एक भिन्न स्वरूप दिखाया था और प्रेमानंद में डूबकर पूरी रात उनके साथ नृत्य किया । इस अनुपम लीला में स्वयं भगवान शिव भी गोपी का वेश धारण कर इस लीला में सम्मिलित हुए। श्रद्धालु शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में खीर (चावल की खीर) का प्रसाद रखते हैं । शरद पूर्णिमा की रात में चंद्रमा से दिव्य अमृत की वर्षा होती है । आज रात चंद्रमा की किरणों में शक्तिशाली और उपचारात्मक गुण होते हैं । आइए, भगवान श्री कृष्ण के प्रेम में लीन होकर नृत्य करें और उनके हृदय में स्थान प्राप्त करें ।
अन्य पर्व
कोजागर व्रतम्, कोजागरी लक्ष्मी पूजा
कोजागर व्रत पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम का एक प्रमुख पर्व है । इस दिन देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा और रात्रि जागरण का विधान होता है । मान्यता है कि आश्विन पूर्णिमा की रात्रि में माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं, और जो भक्त जागरण करते हुए उनकी आराधना करता है, देवी माँ उसे धन-धान्य से समृद्ध करती हैं ।
🙏 पूजा विधि
विशेष अनुष्ठान : भक्तिमय मंत्रोच्चार द्वारा भगवान कृष्ण का अभिषेकम् (७ मिनट)
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- दीपक जलाएं और अपने इष्ट देव की सरल पूजा करें।
- जप, ध्यान और छोटे स्तोत्र/पाठ करें।
- दिन को सात्विक और शांत रखें; आत्म-चिंतन और कृतज्ञता का अभ्यास करें।
- संभव हो तो दान करें (भोजन, दूध, फल) या किसी जरूरतमंद की मदद करें।
⚠️ क्या न करें
- अंडे, मांसाहार और शराब से बचें।
- क्रोध, गपशप, आलोचना और कठोर वाणी से बचें।
- भारी/तैलीय भोजन और अत्यधिक नींद से बचें; दिन को सरल और सात्विक रखें।
