🪔 कजरी तीज के बारे में
यह पर्व राजस्थान में प्रमुख रूप से मनाया जाता है । इस दिन विवाहित और अविवाहित महिलाएँ अपने पति या भावी जीवनसाथी की दीर्घायु और कुशलता के लिए माँ गौरी और महादेव से प्रार्थना करती हैं । पूरे दिन लोकगीत और संगीत के माध्यम से भगवान महादेव तथा माँ पार्वती का पूजन-वंदन किया जाता है।
आज अपने जीवन में भगवान शिव और माता पार्वती की ऊर्जा का आवाहन करें और उनके दिव्य बंधन से प्रेरणा लें ।
🙏 पूजा विधि
विशेष अनुष्ठान : चतुर्विंशति उपचार द्वारा भगवान शिव की नित्य पूजा (१९ मिनट)
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
- संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
- इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
- परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
- लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।
⚠️ क्या न करें
- भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
- शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
- कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।
