🪔 हनुमान जन्मोत्सव के बारे में

भगवान श्री राम के परम भक्त श्री हनुमान का प्राकट्य आज ही हुआ था । श्री हनुमान जी, भगवान शिव के अवतार तथा चिरंजीवी हैं । इनका प्राकट्य चैत्र माह की पूर्णिमा को सूर्योदय के समय हुआ था ।

आज परम भक्त श्री हनुमान से प्रार्थना करें और भगवान के प्रति अपनी भक्ति व समर्पण के साक्षी बनें।

🙏 पूजा विधि

विशेष अनुष्ठान : भगवान हनुमान का यज्ञ (१६ मिनट)

  1. सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
  2. अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
  3. अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
  4. फूल, फल और धूप अर्पित करें।
  5. इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
  6. आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।

✅ क्या करें और क्या न करें

✅ क्या करें

  • पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
  • संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
  • इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
  • परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
  • लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।

⚠️ क्या न करें

  • भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
  • शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
  • कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।