🪔 गणेश विसर्जन/अनंत चतुर्दशी के बारे में

दस दिवसीय गणेश चतुर्थी महोत्सव का आज समापन दिवस है । आज भारतवर्ष में भक्तगण भगवान गणेश की मूर्तियों को विभिन्न जलाशयों, नदियों या समुद्र में विसर्जित कर गणपति बप्पा को उनके लोक में प्रस्थान कराते हैं । सब ओर जयघोष होता है, 'गणपती बाप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या!'

अन्य विशेष पर्व

अनंत चतुर्दशी

आज विष्णु भगवान के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है । इस उपलक्ष्य में भक्तगण व्रत रखते हैं और पूजा के उपरांत अपने हाथों में मौली बांधते हैं ।

इस पावन दिन भगवान के और निकट आएं और स्वयं के अंदर अपरिमित भक्ति को अनुभव करें ।

🙏 पूजा विधि

विशेष अनुष्ठान : चतुर्विंशति उपचार द्वारा श्री हरि की नित्य पूजा (१९ मिनट)

  1. सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
  2. अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
  3. अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
  4. फूल, फल और धूप अर्पित करें।
  5. इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
  6. आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।

✅ क्या करें और क्या न करें

✅ क्या करें

  • पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
  • संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
  • इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
  • परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
  • लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।

⚠️ क्या न करें

  • भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
  • शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
  • कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।