🪔 गणेश चर्तुथी के बारे में

नव आरंभ के देवता, भगवान गणेश का दस दिवसीय उत्सव का आज से शुभारंभ हो रहा है । यह भगवान गणेश का प्राकट्य दिवस है । देशभर में घरों और सार्वजनिक स्थानों पर उनकी मूर्तियाँ स्थापित कर, भक्तगण वैदिक स्तोत्रों का जप करते हैं और भगवान गणेश को प्रसन्न करने हेतु व्रत रखते हैं । उच्छिष्ट गणपति साधना आरंभ करने का यह उत्कृष्ट समय है।

🙏 पूजा विधि

विशेष अनुष्ठान : गणेश अथर्वशीर्ष अभिषेकम् (९ मिनट)

  1. सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
  2. अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
  3. अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
  4. फूल, फल और धूप अर्पित करें।
  5. इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
  6. आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।

✅ क्या करें और क्या न करें

✅ क्या करें

  • पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
  • संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
  • इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
  • परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
  • लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।

⚠️ क्या न करें

  • भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
  • शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
  • कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।