🪔 राम एकादशी के बारे में
आज पाँच दिवसीय दीपोत्सव का प्रथम दिन है । इस दिन देवताओं और असुरों द्वारा किए गए महान समुद्रमंथन से माँ लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ, और उनके पश्चात दिव्य चिकित्सक धन्वंतरि भगवान, अपने हाथों में अमृत कलश धारण कर प्रकट हुए। आज माँ लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि के साथ ही धन के देवता भगवान कुबेर की भी पूजा की जाती है ।
अन्य पर्व
यम दीपम्
इनके साथ, धन के देवता भगवान कुबेर की भी पूजा की जाती है ।
यह यम दीप दिवस भी है। भक्तजन, गोधूलि बेला में, मृत्यु के देवता भगवान यम का आवाहन कर, परिवार के कल्याण, समृद्धि एवं सुरक्षा हेतु, अपने घर की चौखट के बाहर एक दीपक प्रज्वलित करते हैं ।
प्रदोष
आज प्रदोष, भगवान शिव की आराधना का भी अत्यंत शुभ समय है । इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है।
🙏 पूजा विधि
विशेष अनुष्ठान : षोडशोपचार द्वारा माँ लक्ष्मी की नित्य पूजा (१२ मिनट)
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
- संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
- इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
- परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
- लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।
⚠️ क्या न करें
- भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
- शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
- कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।
