🪔 छठ पूजा के बारे में

आज चार दिवसीय गहन तपस्या, उपवास, उगते और डूबते सूर्यदेव को अर्घ्य (जलाहुति) एवं प्रसाद अर्पित करने के महापर्व का अंतिम दिन है । भक्तजन परमात्मा को जीवनरूपी उपहार प्रदान करने हेतु कृतज्ञतापूर्वक प्रार्थना करते हैं ।

भगवान सूर्य की बहन, छठी मैया की भी अर्चना की जाती है। पृथ्वी पर समस्त जीवन भगवान सूर्य की जीवनदायिनी किरणों द्वारा पोषित है ।

आइए, आज ही उनका आवाहन कर उनके दिव्य नाम की ज्योति से अपने मन के अंधकार का अंत कीजिए ।

🙏 पूजा विधि

विशेष अनुष्ठान : सूर्य मंडलम् अभिषेकम् (४ मिनट)

  1. सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
  2. अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
  3. अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
  4. फूल, फल और धूप अर्पित करें।
  5. इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
  6. आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।

✅ क्या करें और क्या न करें

✅ क्या करें

  • पूजा स्थल और घर के महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सफाई करें।
  • संभव हो तो फूलों, दीपकों और सरल रंगोली से सजाएं।
  • इस त्योहार से जुड़े देवता की नित्य पूजा, यज्ञ या अभिषेक करें।
  • परिवार, मित्रों और जरूरतमंदों को प्रसाद बांटें।
  • लोगों और जानवरों के प्रति सम्मानजनक और सौम्य व्यवहार रखें।

⚠️ क्या न करें

  • भारी, तैलीय भोजन और अत्यधिक मिठाई से बचें।
  • शराब, तेज गाड़ी चलाना और शोरगुल वाले उत्सव से बचें।
  • कचरा कम करें; जानवरों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं।