🪔 बुद्ध पूर्णिमा/कूर्म जयंती के बारे में
आज भगवान बुद्ध की जयंती है । इस शुभ तिथि पर तीन महत्वपूर्ण घटनाएँ – भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति (बोधि), और महापरिनिर्वाण (मोक्ष) – घटित हुई थीं । इसलिए इस दिन को त्रिविध पवित्र उत्सव के रूप में मनाया जाता है । भगवान बुद्ध को सनातन धर्म में भगवान विष्णु का अवतार माना गया है ।
आज कूर्म जयंती भी है। आज ही के दिन भगवान विष्णु ने अपने द्वितीय अवतार में कूर्म (कछुआ) रूप में अवतार लिया था। । यह तिथि किसी भी आध्यात्मिक साधना के आरंभ के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है ।
🙏 पूजा विधि
विशेष अनुष्ठान : षोडशोपचार द्वारा श्री हरि की नित्य पूजा (१२ मिनट)
- सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
- अपने घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें।
- अनुशंसित अनुष्ठान को भक्ति भाव से करें।
- फूल, फल और धूप अर्पित करें।
- इस अवसर के लिए विशिष्ट मंत्रों या प्रार्थनाओं का जप करें।
- आरती के साथ समाप्त करें और प्रसाद वितरित करें।
✅ क्या करें और क्या न करें
✅ क्या करें
- सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- दीपक जलाएं और अपने इष्ट देव की सरल पूजा करें।
- जप, ध्यान और छोटे स्तोत्र/पाठ करें।
- दिन को सात्विक और शांत रखें; आत्म-चिंतन और कृतज्ञता का अभ्यास करें।
- संभव हो तो दान करें (भोजन, दूध, फल) या किसी जरूरतमंद की मदद करें।
⚠️ क्या न करें
- अंडे, मांसाहार और शराब से बचें।
- क्रोध, गपशप, आलोचना और कठोर वाणी से बचें।
- भारी/तैलीय भोजन और अत्यधिक नींद से बचें; दिन को सरल और सात्विक रखें।
